याची के अधिवक्ता पुनीत कुमार उपाध्याय ने बताया कि अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने एएनएम के 9 हजार 600 पदों पर भर्ती के लिए जो विज्ञापन निकाला था, उसमें प्रारंभिक अर्हता परीक्षा पास करने की अनिवार्यता निर्धारित की है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एएनएम भर्ती मामले में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने कहा है कि आयोग छह दिन में अपना जवाब दाखिल करे। यह आदेश न्यायमूर्ति अजीत कुमार की खंडपीठ ने एकता यादव व नौ अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
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याची के अधिवक्ता पुनीत कुमार उपाध्याय ने बताया कि अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने एएनएम के 9 हजार 600 पदों पर भर्ती के लिए जो विज्ञापन निकाला था, उसमें प्रारंभिक अर्हता परीक्षा पास करने की अनिवार्यता निर्धारित की है। जो अभ्यर्थी प्रारंभिक अर्हता परीक्षा पास करेंगे उन्हें ही मुख्य परीक्षा में शामिल होने का मौका दिया जाएगा। मुख्य परीक्षा में शामिल होने के लिए पांच जनवरी तक आवेदन करने की अंतिम तिथि निर्धारित की थी।
याची के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि क्योंकि पिछले दो सालों से लगातार कोरोना का संक्रमण बने रहने से बहुत से अभ्यर्थियों को अस्पतालों से छुट्टी नहीं दी गई। इस वजह से उन्हें अध्ययन का मौका नहीं मिला सका। इस वजह से मुख्य परीक्षा में शामिल होने के लिए प्रारंभिक अर्हता परीक्षा पास करने की अनिवार्यता सही नहीं है। आयोग द्वारा यह निर्धारण मनमाना और भेदभावपूर्ण है। इस परीक्षा का कोई औचित्य नहीं है। इस पर कोर्ट ने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले में अगली सुनवाई 12 जनवरी को होगी।