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High Court : पति-पत्नी और पपी...विवाद पहुंचा हाईकोर्ट, पति के खिलाफ लंबित आपराधिक कार्यवाही पर रोक

Sun, 15 Jun 2025 02:55 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पालतू कुत्ते (पपी) को लेकर उपजे वैवाहिक विवाद को सुलझाने के लिए इंजीनियर दंपती को मध्यस्थता व सुलह-समझौता केंद्र भेजा है। साथ ही ट्रायल कोर्ट में पति के खिलाफ लंबित आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगा दी है।
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अदालत(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पालतू कुत्ते (पपी) को लेकर उपजे वैवाहिक विवाद को सुलझाने के लिए इंजीनियर दंपती को मध्यस्थता व सुलह-समझौता केंद्र भेजा है। साथ ही ट्रायल कोर्ट में पति के खिलाफ लंबित आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर की अदालत ने पंजाब निवासी इंजीनियर पति की याचिका पर दिया है।

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पति वर्तमान में पुणे की एक नामी कंपनी में इंजीनियर है, पत्नी 12 साल से उसके साथ रह रही थी। इसी दौरान पपी को लेकर दंपती के बीच ऐसा मनमुटाव पैदा हुआ कि मामला अदालत तक पहुंच गया। पत्नी ने पति के खिलाफ मेरठ की जिला अदालत में दहेज उत्पीड़न, मारपीट, गालीगलौज, 25 लाख रुपये के लिए जमीन बेचने का दबाव बनाने व पपी को पीटने का आरोप लगा परिवाद दाखिल कर दिया। अदालत ने पति के खिलाफ समन जारी कर बतौर आरोपी अदालत में पेश होने का आदेश दिया। इसके खिलाफ पति ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

पत्नी का आरोप

पति देर रात घर आता था, बात नहीं करता था। इससे वह डिप्रेशन में चली गई। पपी को पीटा गया।

तस्वीरें पेश कर पति बोला...पपी का बर्थडे मनाया

कोर्ट में खुशियों के पलों की तस्वीरें पेश कर पति बोला, हमने साथ में फ्लैट खरीदा, घूमने गए और पपी का बर्थडे भी मनाया।

अधिवक्ता बोले...आरोप झूठे, मानसिक उत्पीड़न का प्रयास

याची के अधिवक्ता सुनील चौधरी ने दलील दी कि सभी आरोप झूठे हैं। खुशहाल जीवन की पेश तस्वीरें इस बात का सबूत हैं कि याची पत्नी को खुश रखता था। पत्नी ने बच्चे न होने के कारण पपी पाला था। पति उसके लिए भी समर्पित था। फिर भी पत्नी मानसिक उत्पीड़न के लिए घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न के साथ तलाक तक का मुकदमा दर्ज करवा रही है।
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मामला पारिवारिक है। इसे सुलह समझौते से निपटाने की पहल की जानी चाहिए। - इलाहाबाद हाईकोर्ट

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