पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की बेंच बनाने के विरोध में हाईकोर्ट के वकील चौथे दिन भी हड़ताल पर रहे। बुधवार को गेट पर हुई आम सभा में वक्ताओं ने किसी भी कीमत पर हाईकोर्ट का विभाजन नहीं होने देने की सौगंध खाई। हाईकोर्ट के वकीलों को समर्थन देने के लिए जालौन और बरेली बार एसोसिएशन के पदाधिकारी तथा कई कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि भी आगे आ गए हैं। आम सभा ने बृहस्पतिवार को भी न्यायिक कार्य से विरत रहने का प्रस्ताव पास कर दिया है। हालांकि, दिल्ली गए प्रतिनिधि मंडल द्वारा केंद्रीय कानून मंत्री से हुई वार्ता का ब्यौरा आम सभा में रखने के बाद यह तय होगा कि आगे क्या करना है।
बुधवार को खंडपीठ विरोध अभियान में शहर पश्चिमी की विधायक पूजा पाल, जालौन बार एसोसिएशन उरई, प्रिटिंग मिनिस्टीरियल एसोसिएशन, बरेली बार एसोसिएशन, हाईकोर्ट बेंच स्थापना संघर्ष समिति के अध्यक्ष घनश्याम शर्मा, सीडीए पेंशन कर्मचारी संघ सहित कई अधिवक्ता संगठनों ने वकीलों के मंच पर आकर अपना समर्थन दिया। आम सभा ने अधिवक्ता आशुतोष त्रिपाठी के निधन और पाकिस्तान में आतंकी हमले की घटना पर शोक व्यक्त किया। आम सभा को संबोधित करने वालों में डा. एसपी श्रीवास्तव, ओपी सिंह, अनिल तिवारी, वीर सिंह, प्रभाशंकर मिश्र, विष्णु शरण पुजारी जी, महेंद्र सिंह, नरेंद्र कुमार पांडेय के अलावा शिवसिंह, एलडी राजभर, सुनीता जैन, एके ओझा, संजय त्रिपाठी के अलावा सभी कार्यकारिणी के सदस्य और पदाधिकारी मौजूद थे। सभा की अध्क्षता राजेश कुमार ने और संचालन डा. सीपी उपाध्याय ने किया।
हाईकोर्ट की एक बेंच बुंदेलखंड क्षेत्र (झांसी) में बनाने की मांग को लेकर अधिवक्ता 18 दिसंबर को डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और केंद्रीय कानून मंत्री को संबोधित ज्ञापन देंगे। बुंदेलखंड हाईकोर्ट बेंच बनाओ संघर्ष समिति ने इस मामले में एक बैठक कर अपनी रणनीति पर चर्चा की। मीडिया प्रभारी जगदीश सिंह बुंदेला ने बताया कि मेरठ इलाहाबाद से 600 किमी दूर है तो बुंदेलखंड में ललित पुर भी इलाहाबाद से 600 किमी दूर है। यदि दूरी के आधार पर बेंच बनानी है तो बुंदेलखंड जैसे पिछड़े क्षेत्र में बनाई जानी चाहिए। बैठक में राजेश खरे, पीएन शुक्ला, जगत मिश्र, रामसुमेर चौधरी, सुधीर कुमार चंदौल आदि मौजूद थे।