पेशावर में स्कूल पर आतंकवादी हमले केदूसरे ही रोज यहां शहर के प्रमुख शापिंग मॉल पीवीआर (विनायक सिटी सेंटर) में आतंकियों के घुसकर आग लगाने की खबर से खलबली मच गई। वायरलेस सेट पर सूचना प्रसारित होने के कुछ ही देर में फायर ब्रिगेड के साथ ही कई थानों की पुलिस के साथ अफसर वहां पहुंच गए। फौरन पार्किंग और गेट के पास लगी आग बुझाने की कोशिश शुरू की गई। साथ ही पीवीआर में फंसे लोगों को सीढ़ी के जरिए निकालने का प्रयास शुरू हुआ। हालांकि बाद में अफसरों ने साफ किया कि कोई हमला नहीं हुआ। यह तो पुलिस और दमकल की चुस्ती को परखने के लिए किया गया मॉक ड़्लि था ताकि कभी ऐसी कोई घटना हो जाए तो फौरन राहत का काम शुरू किया जा सके।
बुधवार रात करीब आठ बजे एसएसपी दीपक कुमार ने वायरलेस सेट से कंट्रोल रूम को सूचना दी कि सिविल लाइंस में पीवीआर (विनायक सिटी सेंटर) में आग और आतंकियों की मौजूदगी की सूचना है। सभी थानों की पुलिस और फायर ब्रिगेड के दस्ते फौरन वहां जाए। सूचना ऐसी थी कि मानो आतंकी हमला हुआ हो। खबर मिलने के कुछ ही मिनट के बाद इंस्पेक्टर सिविल लाइंस अमरनाथ यादव और फायर ब्रिगेड के सीएफओ इंदुकुमार तिवारी, एफएसओ योगेंद्र चौधरी, फायर मैन धमेंद्र मिश्रा, अमरनाथ तिवारी पहुंच गए। फिर एसपी सिटी राजेश यादव भी तीन सीओ और कई थानों की पुलिस के साथ आ गए। पीवीआर के गेट के पास धुआं उठ रहा था।
बम डिस्पोजल स्कवॉयड को भी बुला लिया गया। दमकल दस्ते ने वहां अपने फायर टेंडर के जरिए आग पर काबू पाया। भूतल पर बनी पार्किंग में लगी आग पर माल के कर्मचारियों ने अपने उपकरणों के जरिए काबू किया। सभी थानों की पुलिस ने ट्रैफिक डायवर्जन तथा पीवीआर के सभी तल में चेकिंग शुरू कर दी। पुलिस को चेकिंग करता देख पीवीआर में मौजूद लोग घबरा गए। फायर दस्ते ने खास सीढी के जरिए बाहर से दूसरे तल की खिड़की से फंसे लोगों को निकालने का प्रयास किया। करीब घंटे भर बाद एसएसपी ने आकर वहां लाउड हेलर के जरिए लोगों को बताया कि पीवीआर में आतंकी हमला नहीं हुआ है। यह केवल पुलिस और दमकल की मुस्तैदी तथा तेजी को परखने का म़ॉक ड्रिल था। एसपी सिटी ने अमर उजाला को बताया कि पीवीआर के सभी फायर उपकरणों और निकासी के रास्तों को चेक किया गया। उपकरणों में कुछ खामी थी।