हाईकोर्ट के वकीलों के लिए शुक्रवार जश्न का दिन था। बृहस्पतिवार देर शाम को हुई हाईकोर्ट की प्रशासनिक समिति द्वारा बेंच के लिए कोई भी राय नहीं देने के फैसले की जानकारी होते पिछले 29 दिनों से हड़ताल पर रहे वकीलों में खुशी की लहर फैल गई। सुबह नौ बजे से ही अधिवक्ता गेट पर एकत्र होने लगे। दस बजे आम सभा की बैठक में हाईकोर्ट प्रशासन के फैसले की जानकारी दी गई। बार के अध्यक्ष ने सभी अधिवक्ताओं और शहर की जनता को जीत की बधाई दी। इसके बाद हाईकोर्ट से सिविल लाइंस चौराहे तक विजय जुलूस निकाला गया। एक दूसरे को गले लगाकर बधाई दी गई। प्रशासनिक समिति द्वारा अवध बार एसोसिएशन के लखनऊ खंडपीठ का क्षेत्राधिकार बढ़ाने संबंधी प्रस्ताव भी नामंजूर कर देने के कारण वकीलों में दोहरी खुशी थी।
हाईकोर्ट प्रशासन द्वारा बार को बताया गया कि विधि मंत्रालय को प्रशासनिक समिति के प्रस्ताव की प्रति भेजी गई है। पूर्व विधि मंत्री के पत्र के जवाब में बताया गया है कि राज्य सरकार का कोई प्रस्ताव नहीं होने के कारण हाईकोर्ट इस मुद्दे पर विचार का औचित्य नहीं समझता है। मेरठ का न्यायिक कार्य मुरादाबाद स्थानांतरित करने की जानकारी भी बार द्वारा आम सभा में दी गई।
आम सभा द्वारा प्रस्ताव पारित कर सोमवार 12 जनवरी से न्यायिक कार्य करने का निर्णय लिया गया। यह भी तय किया गया कि ‘एक प्रदेश एक हाईकोर्ट’ को लेकर उनका आंदोलन जारी रहेगा। कार्यकारिणी सदस्य और वरिष्ठ अधिवक्तागण इस मुद्दे पर जनता, संगठनोें, सांसदों और सभी राजनीतिक दलों से संपर्क बनाए रखेंगे।