इलाहाबाद हाईकोर्ट की पश्चिमी उत्तर प्रदेश बेंच के विरोध में जारी वकीलों के आंदोलन को इलाहाबाद विश्वविद्यालय के शिक्षकों और इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन से जुड़े डॉक्टरों ने भी अपना समर्थन दे दिया है। शिक्षकों ने तो 29 दिसंबर को क्रमिक अनशन में शामिल होने का निर्णय ले लिया है। आंदोलन को लगातार मिल रहे समर्थन के मद्देनजर मामला निर्णायक मोड़ पर पहुंचता नजर आ रहा है। हाईकोर्ट पर शनिवार को जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष शीतला प्रसाद मिश्र, महासचिव देवेंद्र मिश्र ‘नगरहा’ और कवि श्लेष गौतम के नेतृत्व में हुए क्रमिक अनशन के दौरान इलाहाबाद विश्वविद्यालय के शिक्षक संघ प्रतिनिधि के रूप में प्रो. राम किशोर शास्त्री एवं डॉ. रामसेवक दुबे ने आंदोलन का समर्थन करते हुए 22 अध्यापकों/प्रवक्ताओं का समर्थन पत्र हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के महासचिव डॉ. सीपी उपाध्याय को सौंपा और 29 दिसंबर को क्रमिक अनशन में बैठने का भी आश्वासन दिया।
वहीं, इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन के सचिव डॉ. मनोज माथुर ने भी अपना समर्थन पत्र महासचिव को सौंपा। इस दौरान यह भी तय हुआ कि रविवार को वरिष्ठ अधिवक्ता राधाकांत ओझा और संघर्ष समिति के अध्यक्ष के नेतृत्व में क्रमिक अनशन होगा। महासचिव डॉ. सीपी उपाध्याय और अध्यक्ष राकेश पांडेय ने कहा कि हाईकोर्ट के विभाजन से इलाहाबाद शहर के सांस्कृतिक एवं व्यावसायिक संसाधनों पर असर पड़ेगा। शहर सांस्कृतिक एवं व्यावसायिक दृष्टि से कमजोर हो जाएगा और अपनी पहचान खो देगा। ऐसे में किस बात की स्मार्ट सिटी। शनिवार को हुए क्रमिक अनशन में डॉ. देवेंद्र तिवारी, अतुल पांडेय, मनोज द्विवेदी, प्रदीप तिवारी, वशिष्ठ नारायण मिश्र, राकेश तिवारी, शिखा त्रिपाठी, कमलेश्वर सिंह गहमरी, मीर सैयद, अविनाश जायसवाल, रुचित श्रीवास्तव, अमित सिंह, अक्षय सिंह, कंदर्प श्रीवास्तव, विनोद जायसवाल आदि श्रामिल रहे। युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने वकीलों के आंदोलन के समर्थन और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की बेंच के विरोध में शनिवार को केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह का पुतला फूंका। कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश बेंच के समर्थन में राजनाथ सिंह का बयान अफसोसजनक है। हाईकोर्ट का विभाजन नहीं होने दिया जाएगा। इस दौरान पार्टी नेता जितेंद्र तिवारी, अभिषेक शुक्ला, राजीव यादव, सुजीत, इरशाद उल्ला, पीयूष शुक्ला, हर्ष, प्रीतेश सिंह, रवि, अनुराग, दिग्विजय सिंह, नावेद, शशांक शर्मा, राजेंद्र कुमार बिंद आदि मौजूद रहे। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह का इलाहाबाद आने का कार्यक्रम निरस्त हो गया है। उन्होंने 29 दिसंबर को यहां कटहउला गौसपुर में आईटीबीपी की नई बिल्डिंग का उद्घाटन करने आना था। प्रशासन की तरफ से उनका कार्यक्रम भी जारी कर दिया गया था और भाइपायों ने उनके स्वागत की तैयारी कर ली थी। वहीं, हाईकोर्ट की पश्चिमी उत्तर प्रदेश बेंच के मसले पर कांग्रेसियों ने गृह मंत्री का विरोध करने की तैयार कर ली थी लेकिन अचानक उनका कार्यक्रम अपरिहार्य कारणों से निरस्त हो गया।