इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चिकित्सकीय लापरवाही मामले में दाखिल याचिका पर रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज बांदा, राज्य सरकार और अन्य प्रतिवादियों से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने छह सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चिकित्सकीय लापरवाही मामले में दाखिल याचिका पर रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज बांदा, राज्य सरकार और अन्य प्रतिवादियों से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने छह सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति डी. रमेश की खंडपीठ ने महाप्रसाद की याचिका पर दिया।
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बांदा स्थित रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में याची की पत्नी की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। याची का आरोप है कि पत्नी का इलाज ऐसे डॉक्टरों ने किया, जिनके पास आवश्यक योग्यता नहीं थी। इसी वजह से उसकी पत्नी की मौत हो गई। मामले में गंभीर लापरवाही व मेडिकल कॉलेज में अव्यवस्था के खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। इसमें याची की ओर से दलील दी गई कि राज्य सरकार ने बिना विशेषज्ञ डॉक्टर के नेफ्रोलॉजी विभाग खोल दिया।
यह प्रशासनिक लापरवाही है। विशेषज्ञ डॉक्टर के बिना चिकित्सा केंद्र खोलना गैर जिम्मेदाराना है और मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ करना है। याचिका में राज्य प्राधिकारी को भी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए मुआवजे की मांग की गई है। न्यायालय ने याचिका को विचारणीय मानते हुए प्रतिवादियों से जवाब मांगा है। साथ ही छह सप्ताह में प्रति उत्तर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।