इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जूनियर इंजीनियर के निलंबन आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। साथ ही प्रतिवादियों ने जवाब मांगा है। यह आदेश न्यायमूर्ति दिनेश पाठक की एकल पीठ ने जितेंद्र कुमार की याचिका पर दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जूनियर इंजीनियर के निलंबन आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। साथ ही प्रतिवादियों ने जवाब मांगा है। यह आदेश न्यायमूर्ति दिनेश पाठक की एकल पीठ ने जितेंद्र कुमार की याचिका पर दिया है। याची गाजियाबाद में जूनियर इंजीनियर के पद बिजली विभाग में कार्यरत था। भ्रष्टाचार के आरोप में 29 नवंबर 2025 को पद से निलंबित कर दिया गया था। याची ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी।
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याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि नियमानुसार निलंबन तभी किया जाना चाहिए, जब आरोप गंभीर प्रकृति के हों। निलंबन का आदेश पारित करने से पहले नियुक्त प्राधिकारी को आरोपों से संबंधित रिकॉर्ड का जांच करना चाहिए था। उसके बाद ही एक तर्कपूर्ण आदेश पारित करना चाहिए था। प्रतिवादी अधिवक्ताओं ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। सात अगस्त को मामले की सुनवाई होगी। तब तक के लिए कोर्ट ने निलंबन आदेश के प्रभाव और संचालन पर रोक लगा दी है।