उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से लोगों की जमीन हड़पने के आरोप में मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के संचालक से लेकर पदाधिकारियों पर षड़यंत्र और धोखाधड़ी करने में 50 से अधिक मामलों में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के लिए लोगों से धोखाधड़ी और षड़यंत्र करके जमीन हड़पने के आरोपी जकीउर रहमान सिद्दीकी के मामले में बुधवार को सुनवाई की गई। समय की कमी के कारण बहस पूरी नहीं हो सकी। कोर्ट ने मामले की सुनवाई टाल दी और बृहस्पतिवार को फिर सुनवाई करने का निर्णय लिया है।
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उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से लोगों की जमीन हड़पने के आरोप में मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के संचालक से लेकर पदाधिकारियों पर षड़यंत्र और धोखाधड़ी करने में 50 से अधिक मामलों में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। आजम खां का बेटे सहित यूनिवर्सिटी के निदेशक व अन्य अधिकारियों पर भी एफआईआर दर्ज की गई है। जकीउर रहमान का नाम पुलिस विवेचना में सामने आया है।
जकीउर रहमान ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की मांग की है। बुधवार को प्रदेश सरकार और याची केअधिवक्ता की ओर से बहस की गई। हालांकि, समय की कमी की वजह से बहस पूरी नहीं हो सकी। इसलिए कोर्ट ने मामले में बहस के लिए इसे बृहस्पतिवार को सूचीबद्ध करने को कहा है।