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Paper Leak : सिपाही भर्ती पेपर लीक के आरोपी को हाईकोर्ट ने दी जमानत, कहा- नहीं बरामद हुई कोई आपत्तिजनक वस्तु

Mon, 24 Jun 2024 06:13 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

याची मोनू शर्मा उर्फ मोनू पंडित पर उत्तर प्रदेश कांस्टेबल भर्ती एवं प्रोन्नति परीक्षा (17 और 18 फरवरी 2024 को होने वाली) का प्रश्नपत्र परीक्षा आयोजित होने से पहले ही लीक करने के आरोप में धारा 420, 467, 468, 471 और 34 आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया गया था।
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अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में पेपर लीक के आरोप में गिरफ्तार किए गए मोून शर्मा उर्फ मोनू पंडित हो इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। हाईकोर्ट ने आरोपी को राहत देते हुए उसकी जमानत अर्जी मंजूर कर ली। कोर्ट ने कहा कि उसके पास से कोई आपत्तिजनक वस्तु बरामद नहीं हुई है। ऐसा कोई साक्ष्य अभियोजन नहीं प्रस्तुत नहीं कर सका जिससे साबित हो सके कि वह कोई हेरफेर कर रहा था। मामले की सुनवाई जस्टिस समीर जैन की पीठ ने की।

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याची मोनू शर्मा उर्फ मोनू पंडित पर उत्तर प्रदेश कांस्टेबल भर्ती एवं प्रोन्नति परीक्षा (17 और 18 फरवरी 2024 को होने वाली) का प्रश्नपत्र परीक्षा आयोजित होने से पहले ही लीक करने के आरोप में धारा 420, 467, 468, 471 और 34 आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया गया था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों ने आरोप लगाया कि प्रश्नपत्र 50,000 रुपये से 2 लाख रुपये में बेचा गया।

यह भी आरोप लगाया गया कि कई उम्मीदवारों ने परीक्षा शुरू होने से 8-12 घंटे पहले ही प्रश्नपत्र प्राप्त कर लिया था। हाईकोर्ट की एकल पीठ ने आवेदक के चार अन्य मामलों से जुड़े आपराधिक इतिहास पर भी विचार किया, जिसमें पाया गया कि उसे उन सभी मामलों में जमानत मिल गई है। सभी कथित अपराधों पर प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट द्वारा विचार किया जा सकता है। आवेदक पांच अप्रैल, 2024 से जेल में है। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने मोनू पंडित को जमानत पर रिहा किए जाने का हकदार पाया गया।

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48 लाख से अधिक परीक्षार्थी थे शामिल

बता दें कि दिसंबर, 2023 में उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस कांस्टेबल पदों के लिए 60,244 रिक्तियों की घोषणा की थी। लिखित परीक्षा में शामिल होने के लिए 48 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने आवेदन किया। परीक्षा यूपी के 75 जिलों में 2300 से अधिक केंद्रों पर हुई। पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के आरोपों के कारण परीक्षा निरस्त करनी पड़ी। इसको लेकर अभ्यर्थियों ने काफी बवाल किया था जो कई दिनों तक देश की सुर्खियां बनी रहीं। 
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