इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अंतिम वेतन के आधार पर पेंशन मामले में गोरखपुर डीआईओएस को तलब किया है। कोर्ट ने उन्हें 6 अक्तूबर 2026 को दोपहर 2 बजे व्यक्तिगत हलफनामा के साथ अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अंतिम वेतन के आधार पर पेंशन मामले में गोरखपुर डीआईओएस को तलब किया है। कोर्ट ने उन्हें 6 अक्तूबर 2026 को दोपहर 2 बजे व्यक्तिगत हलफनामा के साथ अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की एकलपीठ ने डॉ. चंद्रशेखर दुबे की याचिका पर दिया है।
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याची ने पूर्व में वेतन भुगतान के लिए याचिका दाखिल की थी। इस पर कोर्ट ने कार्यकारी प्रधानाचार्य के रूप में कार्य अवधि का वेतन शीघ्र भुगतान करने का निर्देश दिया था। आदेश का पालन न होने पर दाखिल अवमानना याचिका के बाद 12 मई 2026 को याची को वेतन का भुगतान कर दिया गया। इसके बाद जब याची ने अंतिम वेतन के आधार पर पेंशन भुगतान का अनुरोध किया तो उसके दावे को खारिज कर दिया गया।
वहीं, जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) की ओर से याची का दावा आगे भेजने पर वर्तमान कार्यकारी प्रधानाचार्य को ही अनुशासनहीनता की कार्रवाई की चेतावनी जारी कर दी गई। याची ने अपनी मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने डीआईओएस के कार्रवाई को प्रथम दृष्टया कानूनी दुर्भावना का मामला माना। साथ ही डीआईओएस को निर्देश दिया है कि वे 6 अक्तूबर 2026 को हाजिर हों।
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उन्हें यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि पूर्व में स्थापित न्यायिक सिद्धांतों के आलोक में याची की पेंशन का दावा कैसे खारिज किया गया। साथ ही याची के दावा आगे भेजने पर प्रधानाचार्य को नोटिस कैसे जारी किया गया। अदालत ने चेतावनी भी दी है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर उनके खिलाफ अवमानना का नोटिस जारी किया जा सकता है।