इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लगभग तीन साल से लापता को तलाश करने के लिए प्रयागराज की पुलिस को एक माह की और मोहलत दी है। हालांकि अदालत ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लगभग तीन साल से लापता को तलाश करने के लिए प्रयागराज की पुलिस को एक माह की और मोहलत दी है। हालांकि अदालत ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है। अधिवक्ता जयशंकर उपाध्याय (लापता) की ओर से उनके भाई अभयकांत कांत उपाध्याय ने हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की है। याचिका पर न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय व न्यायमूर्ति ज़फीर अहमद ने सुनवाई की।
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प्रदेश सरकार के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि मामले की जांच के लिए सहायक पुलिस आयुक्त श्यामजीत के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई है। संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। वहीं याचिकाकर्ता अधिवक्ता का कहना था कि पुलिस जांच के नाम पर वादी को ही परेशान कर रही है। कोर्ट ने कहा पुलिस को जांच करने की छूट है थर्ड डिग्री प्रयोग नहीं किया जाएगा । कोर्ट ने जांच के लिए एक माह की मोहलत दी है । बता दें कि धूमनगंज क्षेत्र के रहने वाले अधिवक्ता जय शंकर की गुमशुदगी की रिपोर्ट तीन सितंबर 2022 को दर्ज कराई गई थी। अभी तक उनका कुछ पता नहीं चला है।