Prayagraj News : महाधिवक्ता कार्यालय इलाहाबाद हाईकोर्ट।
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शासन को भेजी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि किर्लोस्कर कंपनी द्वारा निर्मित जो दो डीजल जेनरेटर स्थापित हैं, वह भवन के स्थापना काल से ही उपयोग में नहीं आए हैं। ऐसे में उन दोनों जेनरेटरों की सर्विसिंग और अनुरक्षण का कार्य अधिकृत फर्म से कराने के लिए बजट मांगा गया है। इस प्रस्ताव में डीजल के व्यय और ऑपरेटर के लिए प्रस्ताव शामिल नहीं किया गया है। लेकिन, इससे पहले बंद पड़े इन जेनरेटरों के नाम पर कागज पर कितना डीजल फूंका गया, इसे लेकर सवाल भी खड़े हो गए हैं।
हालांकि पीडब्ल्यूडी के अफसर इस पर चुप्पी साधे हुए हैं। कहा जा रहा है 10 महीने पहले तक इस भवन के अनुरक्षण का जिम्मा जल निगम की कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस के पास था। इसलिए इन सवालों पर वह कुछ नहीं कह सकते। उल्लेखनीय है कि ये दोनों जेनरेटर लाखों रुपये की लागत से खरीदे गए थे। लेकिन, करीब 11 वर्ष से बंद होने की वजह से अब ये चालू हालत में नहीं रह गए हैं।
Prayagraj News : हाईकोर्ट में लगा पंखा शार्ट सर्किट से जल गया।
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हाईकोर्ट की बार कैंटीन में शार्ट सर्किट, पंखा जलकर स्वाहा
महाधिवक्ता कार्यालय की आग से चार तलों की जली फाइलों की राख अभी हटाई नहीं जा सकी,लेकिन इससे पहले बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट की बार कैंटीन में शार्ट सर्किट से आग लग गई। कैंटीन में धुएं के गुबार के साथ पंखे में आग की लपटें उठने से अफरा तफरी मच गई। हालांकि लाइन काट कर कुछ देर में आग पर काबू पा लिया गया। लेकिन, यहां भी वर्षों पुरानी वायरिंग न बदले जाने को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।