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High Court : कामकाजी जोड़ों के बीच पुराने संबंध में नहीं की जा सकती झांसे की कल्पना, बैंककर्मी को बड़ी राहत

Mon, 23 Feb 2026 05:07 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि दो कामकाजी बालिगों के बीच लंबे समय तक सहमति से संबंध रहे हों तो झांसे की कल्पना नहीं की जा सकती। लिहाजा, शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप महज उनके बीच उपजे मतभेद का परिणाम हो सकता है।
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कोर्ट का आदेश। - फोटो : अमर उजाला।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि दो कामकाजी बालिगों के बीच लंबे समय तक सहमति से संबंध रहे हों तो झांसे की कल्पना नहीं की जा सकती। लिहाजा, शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप महज उनके बीच उपजे मतभेद का परिणाम हो सकता है।

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इस टिप्पणी के साथ न्यायमूर्ति राजीव लोचन शुक्ला की एकल पीठ ने देहरादून में तैनात बैंककर्मी की अग्रिम जमानत मंजूर कर ली। मामला गौतमबुद्ध नगर के बिसरख थाना क्षेत्र का है। पीड़िता का आरोप है कि याची ने शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाया और अब शादी से इन्कार कर रहा।

याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि पीड़िता कामकाजी महिला है। उम्र में याची से वह बड़ी है। दोनों के बीच लंबे समय से सहमति से संबंध बने। याची ने शादी से कभी इन्कार नहीं किया, अपने परिवार से उसे मिलवाया था। भाई की शादी में भी शामिल किया था, जो दर्शाता है कि उसका इरादा शुरुआत से ही धोखा देने का नहीं था।  सुनवाई के दौरान कोर्ट ने याची की ओर से पेश व्हाट्सएप पर बातचीत में पाया कि दोनों पक्ष के बीच पुराने रिश्ते रहे, दोनों बालिग भी हैं। 

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