याचियों की दलील
याचियों की ओर से दलील दी गई कि याचीगण कर्मचारी के निधन के वक्त या तो नाबालिग थे या फिर निर्धारित योग्यता नहीं पूरी नहीं कर सके थे। बालिग होने के या निर्धारित योग्यता हासिल करने के बाद दावा पेश किया। विभाग में ड्राइवर और कंडक्टर के पद खाली है। फिर भी मृतक आश्रितों को नौकरी देने से इन्कार करना गलत है। हालांकि, कोर्ट ने इन दलीलों को सिरे से खारिज कर दिया। कहा अनुकम्पा नौकरी रोजगार का जरिया नहीं है।
रिक्त पद वर्षों तक खाली रखना और फिर अनुकम्पा नियुक्ति की आड़ में प्रक्रिया को खींचना कर्मचारियों के साथ अन्याय है: हाईकोर्ट