इलाहाबाद हाईकोर्ट में श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मथुरा मामले में डीएम, एसएसपी ने कारसेवा और परिसर की सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित रिपोर्ट मंगलवार को पेश की। कोर्ट ने रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद उसे सीलबंद लिफाफे में रखने का आदेश दिया। अब 18 सितंबर को मामले की सुनवाई होगी।
यह आदेश न्यायमूर्ति अवनीश सक्सेना की एकल पीठ ने दिया है। मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मामले को लेकर कुछ साधु-संतों ने अयोध्या की तर्ज पर कारसेवा का एलान किया था। इस पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट व पांच अन्य की ओर से हाईकोर्ट में प्रार्थनापत्र दायर किया गया था। उसमें प्रदेश सरकार और प्रशासन को आदेश देने की मांग की गई कि वे किसी भी व्यक्ति या समूह को विवादित संपत्ति में किसी बैठक, कार सेवा या कार्यक्रम के आयोजन के मकसद से प्रवेश करने से रोके, ताकि सार्वजनिक शांतिभंग न हो।
कोर्ट ने पिछली सुनवाई पर डीएम-एसएसपी से रिपोर्ट मांगी थी। कोर्ट में डीएम, एसएसपी ने रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में पेश कर दी। वहीं, मस्जिद पक्ष की संशोधन अर्जी पर आपत्ति दाखिल करने के लिए मंदिर पक्षकारों को कोर्ट ने समय दिया है। साथ ही मामले में संशोधन व पक्षकार बनाने, विभिन्न संबंधित वादों की कार्यवाही पर रोक लगाने, शाही ईदगाह के संरक्षण और निरीक्षण और सर्वे संबंधी कार्यवाही को सुप्रीम कोर्ट में लंबित एसएलपी के निर्णय तक टालने समेत कई आवेदन लंबित हैं। बासोड़ा पूजा और कृष्ण कूप पर पूजा से संबंधित आवेदन भी अदालत के समक्ष लंबित हैं। इन सब पर आगे सुनवाई होनी है।