इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निशानेबाज गौरव गुप्ता के खेल प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के उद्देश्य से शस्त्र लाइसेंस के लिए किए गए आवेदन को देवरिया के डीएम के खारिज करने के आदेश को रद्द कर दिया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निशानेबाज गौरव गुप्ता के खेल प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के उद्देश्य से शस्त्र लाइसेंस के लिए किए गए आवेदन को देवरिया के डीएम के खारिज करने के आदेश को रद्द कर दिया। 15 दिन में नए सिरे से फैसला लेने का निर्देश दिया।
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यह आदेश न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की पीठ ने गौरव गुप्ता की याचिका पर दिया। देवरिया निवासी याची ने शस्त्र लाइसेंस के लिए एक नवंबर 2023 को आवेदन किया था। डीएम ने आवेदन को इस आधार पर खारिज कर दिया कि प्रमाणपत्रों में आवेदक ने शूटिंग की श्रेणी (प्रतिष्ठित शूटर या जूनियर शूटर) स्पष्ट रूप से परिभाषित नहीं किया था। इस संबंध में कोई हलफनामा दायर नहीं किया गया था, जैसा कि शस्त्र नियम 2016 के तहत आवश्यक है। इसके खिलाफ याचिका दाखिल की।
याची के वकील ने दलील दी कि कथित दोष को सुधारने का कोई अवसर नहीं दिया गया था। याची को जुलाई 2025 की शुरुआत में होने वाली आगामी प्रतिष्ठित प्री-यूपी स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप प्रतियोगिता में भाग लेना है। शस्त्र लाइसेंस के बिना उन्हें इस आयोजन से अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा। सरकारी वकील ने डीएम के आदेश का समर्थन करते हुए कहा कि याची ने आवश्यक दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत करने में विफल रहे हैं। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने पाया डीएम को आदेश को रद्द कर दिया।