पत्नी ने तलाक के आदेश को दे रखी है चुनौती
हाईकोर्ट इस मामले में फैमिली कोर्ट द्वारा पारित निर्णय और आदेश के खिलाफ पति द्वारा दायर एक पुनरीक्षण संशोधन याचिका पर विचार कर रहा था। जिसमें फैमिली कोर्ट ने सीआरपीसी की धारा 125 के तहत पति को निर्देश दिया था कि वह अपनी पत्नी को हर माह 25000 रुपये भरण-पोषण के तौर पर प्रदान करे।
इससे पहले फैमिली कोर्ट ने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13 के तहत पति के पक्ष में तलाक का आदेश पारित करते हुए हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 25 के तहत स्थायी भरण-पोषण के रूप में 25 लाख रुपये देने का निर्देश दिया था। हालांकि पत्नी ने तलाक के आदेश को चुनौती दे रखी है।