फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP:बुलडोजर कार्रवाई पर कोर्ट नाराज, पूछा-रोक के बावजूद ध्वस्तीकरण करना सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना नहीं

Wed, 04 Feb 2026 04:02 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

Allahabad High Court : उत्तर प्रदेश में रोक के बावजूद बुलडोजर एक्शन पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अख्तियार किया है। कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि रोक के बावजूद बुलडोजर की कार्रवाई जारी है। क्या यह सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना नहीं है। 
विज्ञापन
इलाहाबाद हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुलडोजर कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताई है। न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने सरकार से पूछा है कि क्या 2025 में रोक के बावजूद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी रखना सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना नहीं है। क्या यह कार्यपालिका का अपनी मंशा छिपाकर शक्तियों का प्रयोग करने का उदाहरण नहीं है। यह टिप्पणी हमीरपुर निवासी फैमुद्दीन व दो अन्य की याचिका पर की।

विज्ञापन


फैमुद्दीन के परिवार के आफान खान के खिलाफ सुमेरपुर थाने में 16 जनवरी 2026 को आईटी एक्ट, पॉक्सो व धर्मांतरण निरोधक कानून के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। आरोप है कि घटना के बाद भीड़ ने याची फैमुद्दीन के घर को निशाना बनाया, जबकि ये आरोपी नहीं हैं। इसके बाद भी इनको नोटिस दिया गया। साथ ही लॉज और मिल को सील कर दिया गया। ऐसे में याची ने आशंका जताई है कि इनकी संपत्तियों को बुलडोजर से गिराया जा सकता है। इसे लेकर इन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।

राज्य सरकार का पक्ष

राज्य की ओर से अपर महाधिवक्ता अनूप त्रिवेदी ने दलील दी कि याचिका अभी अपरिपक्व है। आवास और लॉज सील नहीं किए गए हैं। मिल से प्रतिबंधित लकड़ी बरामद होने का तथ्य याचियों ने छिपाया है। भरोसा दिलाया कि कानूनी प्रक्रिया और सुनवाई का अवसर देने के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें