याची की ओर से कहा गया कि एसडीएम खड्डा के समक्ष सन 2015 से लोकशांति से जुड़ा मामला लंबित है। कोर्ट ने मामले में सुनवाई कर एसडीएम को छह सप्ताह में मामले को निस्तारित करने का आदेश दिया था।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कुशीनगर के खड्डा तहसील एसडीएम को लोकशांति से जुड़े मामले को निस्तारित न करने पर कोर्ट की अवमानना माना है। हालांकि, कोर्ट ने उन्हें एक मौका देते हुए दो हफ्ते में मामले का निस्तारण करने को कहा है। यह आदेश न्यायमूर्ति विकास बुधवार ने भोला जायसवाल की अवमानना याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है।
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याची की ओर से कहा गया कि एसडीएम खड्डा के समक्ष सन 2015 से लोकशांति से जुड़ा मामला लंबित है। कोर्ट ने मामले में सुनवाई कर एसडीएम को छह सप्ताह में मामले को निस्तारित करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने यह आदेश दिसंबर 2022 में ही दिया है। एसडीएम को हाईकोर्ट के आदेश की प्रति भी उपलब्ध कराई गई लेकिन एसडीएम ने लंबित मामले का निस्तारण नहीं किया।
इसके बाद अवमानना याचिका दाखिल हुई है। कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया एसडीएम खड्डा के खिलाफ अवमानना का आरोप बनता है। हालांकि, उन्हें एक मौका दिया जा रहा है कि वह कोर्ट के पूर्व में दिए गए आदेश का अनुपालन करें। कोर्ट ने याची से भी कहा है कि अगर एसडीएम खड्डा तय समय में आदेश का अनुपालन नहीं करते हैं तो वह फिर कोर्ट के समक्ष आ सकता है।