इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मकान मालिक और किरायेदार के बीच हुए विवाद के कारण काटे गए विद्युत कनेक्शन को 24 घंटे में जोड़ने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि मकान-मालिक और किरायेदार के बीच विवाद में कब्जे की वैधता तय करना अधिशासी अभियंता का काम नहीं है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मकान मालिक और किरायेदार के बीच हुए विवाद के कारण काटे गए विद्युत कनेक्शन को 24 घंटे में जोड़ने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि मकान-मालिक और किरायेदार के बीच विवाद में कब्जे की वैधता तय करना अधिशासी अभियंता का काम नहीं है। यह न्यायालय का क्षेत्राधिकार है। यह आदेश न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय और न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने हरीश कुमार सिंह की याचिका पर दिया है।
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पीलीभीत निवासी याची का मकान मालिक से विवाद चल रहा था। मकान मालिक की शिकायत पर मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने 29 मई 2026 को बिजली कनेक्शन काटने का आदेश दिया। इसके बाद 8 जून 2026 को बिजली कनेक्शन काट दिया गया। याची ने इसके खिलाफ याचिका दायर की थी। कोर्ट ने कनेक्शन कटौती के आदेश को प्रथम दृष्टया गैरकानूनी माना।
कोर्ट ने अधिशासी अभियंता को आदेश दिया कि बिजली कनेक्शन 24 घंटे में बहाल करने व मामला लंबित रहने तक कनेक्शन नहीं काटने का निर्देश दिया है। साथ ही विद्युत निगम को जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए आठ हफ्ते का समय दिया है।