कोरोना संक्रमण में अदालतें बंद होने के कारण आर्थिक तंगी से जूझ रहे वकीलों के लिए आर्थिक पैकेज दिए जाने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है। याचिका दाखिल करने वाले अधिवक्ता विजय चंद्र श्रीवास्तव और डीपी सिंह का कहना है कि पिछले तीन माह से अदालतें बंद हैं।
मुकदमों की सुनवाई सीमित संख्या में हो रही है इसकी वजह से वकील आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। सरकार ने समाज के तमाम वर्गों केलिए आर्थिक पैकेज की घोषणा की है मगर वकीलों को अब तक कोईआर्थिक सहायता नहीं मिली है। याचिका में कहा गया है कि मात्र हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने चार हजार वकीलों को दो-दो हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी है।
इसके बाद किसी ने भी मदद नहीं दी है। हाईकोर्ट ने स्वत: योजित जनहित याचिका में बार कौंसिल और न्यासी समिति को आर्थिक मदद देने का निर्देश दिया था मगर उन्होंने ने भी अब तक कोई मदद नहीं दी है। जबकि कोर्ट फीस और अधिवक्ता कल्याण टिकट के रूप में सरकार को वकीलों से करोड़ों की आमदनी होती है। याचिका में प्रमुख सचिव न्याय, महाधिवक्ता और बार कौंसिल को पक्षकार बनाया गया है।