इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जिला पंचायत सोनभद्र द्वारा जारी टेंडर रद्द करने की मांग में दाखिल पंचायत सदस्य की याचिका पर हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि याची पंचायत सदस्य है। जब टेंडर प्रस्ताव रखा गया था तो उसे अपनी आपत्ति रखनी थी। यदि प्रस्ताव पास हो चुका है तो सदस्य को उसे कोर्ट में चुनौती देने का अधिकार नही है।
प्रस्ताव सभी सदस्यों पर प्रभावी होगा। कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज मित्तल तथा न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खंडपीठ ने पंचायत सदस्य अनिल कुमार यादव की जनहित याचिका पर दिया है। याची का कहना था कि टेंडर जिस दर पर दिया गया है उससे पंचायत को भारी वित्तीय नुकसान हुआ है। इससे कम खर्च में निर्माण कार्य का टेंडर दिया जा सकता है।