इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज के झूंसी इलाके में दो साल पहले हुई खरीददारी के मामले में याची को राहत देने से इंकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि आरोप संज्ञानात्मक है। इसलिए राहत नहीं दी जा सकती है। कोर्ट ने यह कहते हुए याचिका को खारिज कर दी। यह आदेश न्यायमूर्ति सुरेश कुमार गर्ग की याचिका पर दिया है।
याची पर आरोप है कि उसने अपने बिजनेसमैन दोस्त सुनील अग्रवाल के साथ सांठगांठ करते हुए पीड़ित की पत्नी के नाम खरीदी गई भूमि को अप्रा बिल्डकॉन प्राईवेट लिमिटेड के निदेशक के नाम करा दिया। कोर्ट ने इसे संज्ञानात्मक अपराध की श्रेणी में माना और याची सुरेश कुमार गर्ग की एफआईआर को रद्द करने की मांग को खारिज कर दिया।