इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे सिद्ध दोष बंदी की समय पूर्व रिहाई की मांग पर राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने सरकार से कहा है कि वह अनुपालन हलफनामा दाखिल कर यह स्पष्ट करे कि 21 वर्षों से अधिक सजा काटने के बावजूद याची की रिहाई क्यों नहीं की गई। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव गुप्ता एवं न्यायमूर्ति हरवीर सिंह की खंडपीठ ने याची अशोक सिंह की ओर से दाखिल याचिका पर दिया है।
विज्ञापन
मामला बलिया के बैरिया थाना क्षेत्र का है। हत्या के मामले में याची को 2009 में बलिया की विशेष अदालत ने आजीवन कारावास व 5000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ याची हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था। हालांकि, कोर्ट ने 20 अगस्त 2018 को विशेष अदालत की ओर से सुनाई गई सजा पर मुहर लगा दी थी। याची के अधिवक्ता आदर्श शुक्ला ने दलील दी कि याची अब तक 21 वर्षों से अधिक सजा काट चुका है और उसकी आचरण रिपोर्ट भी संतोषजनक है। इसके बावजूद समय पूर्व रिहाई के लिए कोई निर्णय नहीं लिया गया है।