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High Court : कमर्शियल कोर्ट को जल निगम का एक करोड़ रुपये से अधिक का डिमांड ड्राफ्ट स्वीकार करने का निर्देश

Sat, 18 Jul 2026 02:13 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) की ओर से दायर प्रथम अपील में कमर्शियल कोर्ट को 1,00,47,143 रुपये का डिमांड ड्राफ्ट स्वीकार करने का निर्देश दिया है।
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कोर्ट का आदेश। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) की ओर से दायर प्रथम अपील में कमर्शियल कोर्ट को 1,00,47,143 रुपये का डिमांड ड्राफ्ट स्वीकार करने का निर्देश दिया है। साथ ही कहा है कि निर्धारित समय के बाद यह राशि प्रस्तुत किए जाने के प्रभाव पर अपील की सुनवाई के समय विचार किया जाएगा। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश जल निगम की ओर से दायर याचिका पर दिया।

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मामले में 20 अप्रैल को हाईकोर्ट ने याचियों को दो सप्ताह के भीतर संपूर्ण अवार्ड राशि निष्पादन न्यायालय (एक्जीक्यूटिंग कोर्ट) में जमा करने का निर्देश दिया था। यह भी कहा गया था कि जमा राशि को ब्याज अर्जित करने वाले खाते में रखा जाए। आरोप है कि बाद में जल निगम ने समय बढ़ाने का आवेदन दाखिल कर वित्तीय संकट का हवाला दिया और बताया कि वह केवल 2.14 करोड़ रुपये की व्यवस्था कर सका है। इस पर 13 मई को हाईकोर्ट ने कमर्शियल कोर्ट को उक्त डिमांड ड्राफ्ट स्वीकार करने का निर्देश देते हुए शेष 1,00,47,143 रुपये जमा करने के लिए तीन सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया था।

जल निगम की ओर से समय बढ़ाने का आवेदन दाखिल कर बताया गया कि तीन सप्ताह की अवधि में शेष राशि जमा नहीं हो सकी लेकिन 22 जून का डिमांड ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। जिसे कमर्शियल कोर्ट स्वीकार नहीं कर रहा है। कोर्ट ने कमर्शियल कोर्ट को 1,00,47,143 रुपये का डिमांड ड्राफ्ट स्वीकार करने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि देरी से राशि प्रस्तुत किए जाने के प्रभाव पर अपील की अंतिम सुनवाई के समय विचार किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त को होगी।

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