9 दिसंबर को न्यायालय ने इसे गंभीरता से लेते हुए अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत दिलदार नगर व नगर पंचायत अध्यक्ष को एक सप्ताह में बकाया राशि का भुगतान करने का समय दिया था। कहा था कि भुगतान नहीं किया गया तो नगर पंचायत की संपत्तियों को कुर्क करनी होंगी व खाता जब्त किया जाएगा।
17 दिंसबर को सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पाया कि कार्यकारी अधिकारी और परिषद के अध्यक्ष अभी भी अपने रुख पर कायम हैं कि वित्तीय कमी के चलते भुगतान नहीं किया जा सकता है। उन्हें भुगतान करने के लिए और समय चाहिए। इस पर न्यायालय ने नगर पंचायत दिलदार नगर के समस्त खातों को सिविल जज गाजीपुर से अटैच करने का आदेश दिया। न्यायालय ने रजिस्ट्रार अनुपालन को निर्देश दिया कि यह आदेश सिविल जज वरिष्ठ प्रभाग, गाजीपुर को तत्काल प्रेषित किया। साथ ही अधिशाषी अधिकारी व अध्यक्ष नगर पालिका परिषद दिलदार नगर गाजीपुर को भी तत्काल प्रेषित किया जाए।