याची का कहना था कि उसे केस में झूठा फंसाया गया। उसने खुद को सीएम ऑफिस का अधिकारी बताकर कभी किसी को फोन नहीं किया। जिस मोबाइल से फोन करने की बात एफआईआर में कही गई है, वह उसका नहीं है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीएम आफिस का अधिकारी बनकर लोगों को धमकाने और रंगदारी मांगने के मुख्य अभियुक्त प्रदीप कुमार श्रीवास्तव को जमानत दे दी है। प्रदीप की अर्जी पर न्यायमूर्ति अजय भनोट ने सुनवाई की। वह मई से जेल में बंद है। इससे पहले उसकी जमानत अर्जी स्पेशल कोर्ट एससीएसटी बरेली ने खारिज कर दी थी।
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याची का कहना था कि उसे केस में झूठा फंसाया गया। उसने खुद को सीएम ऑफिस का अधिकारी बताकर कभी किसी को फोन नहीं किया। जिस मोबाइल से फोन करने की बात एफआईआर में कही गई है, वह उसका नहीं है। शिकायतकर्ता से रंगदारी मांगने के लिए फोन करने का उसके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं है।
अधिवक्ता की ओर से याची का आपराधिक इतिहास पेश करते हुए कहा गया कि उन मामलों का मौजूदा प्रकरण से कोई लेना-देना नहीं है। कोर्ट ने याची के अधिवक्ता के तर्कों को सुनकर जमानत अर्जी मंजूर कर ली। हालांकि, कोर्ट ने कई शर्तें भी लगाई हैं।
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पीएमए. सीएम की हत्या कीधमकी देने वाले को भी बेल
गत दिनों हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ की हत्या के लिए धमकी भरा फोन करने के आरोपी सलमान उर्फ अरमान चौधरी की जमानत भी मंजूर कर ली थी। आरोप है कि अरमान ने पुलिस के इमरजेंसी नंबर पर फोन कर पीएम और सीएम की हत्या करने की धमकी दी थी। बाद में पुलिस ने मोबाइल फोन ट्रेस कर उसे गिरफ्तार किया था।