प्रयागराज विकास प्राधिकरण द्वारा बिना कारण बताए अधिवक्ता का घर गिराने के मामले में हाईकोर्ट ने यथास्थिति बरकरार रखने का आदेश दिया है। अधिवक्ता की प्रार्थना पर शनिवार को अवकाश होने के बावजूद मुख्य न्यायाधीश ने मामले की सुनवाई के लिए स्पेशल बेंच गठित की। न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति विवेक वर्मा की स्पेशल बेंच ने सुनवाई के बाद पीडीए से जवाब तलब किया है।
हाईकोर्ट के अधिवक्ता दरबारी लाल ने जागृति चौराहा कालिंदीपुरम के पास 2013 में जमीन खरीद कर मकान बनाया है। गत चार मार्च 2020 को प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने इस मकान के एक हिस्से कोे ढहा दिया। प्राधिकरण कुछ और हिस्से गिराना चाहता है। अधिवक्ता ने इसके खिलाफ सुनवाई हेतु प्रार्थनापत्र देकर तत्काल सुनवाई का अनुरोेध किया। मुख्य न्यायाधीश नेे मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पेशल बेंच गठित की। बेंच ने जानना चाहा कि पीडीए के समक्ष ऐसी क्या परिस्थिति है कि निर्माण के छह साल बाद उसे मकान गिराना पड़ रहा है। प्राधिकरण के अधिवक्ता ने कोर्ट से जानकारी उपलब्ध कराने के लिए कुछ समय दिए जाने की मांग की। इसे मंजूर करते हुए अदालत ने 17 मार्च की तिथि नियत की है। तब तक मौक पर यथास्थिति कायम रखने का आदेश दिया है।