हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने पूर्व न्यायमूर्ति बीएस चौहान के सोमवार को हाईकोर्ट आगमन पर विरोध जताते हुए उनका बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। एसोसिएशन ने जस्टिस चौहान के आगमन पर विरोध दिवस मनाने का फैसला भी किया है। आवश्यक होने पर प्रदेश स्तर पर व्यापक विरोध के आंदोलन की रूपरेखा बनाने की बात तय की गई।
यह निर्णय शुक्रवार को अध्यक्ष अमरेंद्र नाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई एसोसिएशन की आपात बैठक में लिया गया। बैठक में हुए निर्णय के अनुसार कानपुर के बिकरू कांड के आरोपी विकास दुबे एनकाउंटर की जांच के लिए बनाए गए आयोग के अध्यक्ष रिटायर्ड न्यायमूर्ति बीएस चौहान 11 जनवरी को हाईकोर्ट आ रहे हैं।
कहा गया कि जस्टिस चौहान अपने दौरे में विकास दुबे एनकाउंटर की वास्तविकता जांचने हाईकोर्ट आ रहे हैं। बार एसोसिएशन का कहना है कि जांच आयोग अपने दायरे से बाहर जाकर न्यायालय व न्यायिक व्यवस्था की जांच नहीं कर सकता। यह भी कहा गया कि किसी आयोग को न्याय पालिका की स्वतंत्रता पर हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है। बैठक में बार एसोसिएशन ने कहा इसे असांविधानिक बताते हुए कहा कि किसी समिति द्वारा इस तरह की जांच करने का कोई प्रावधान नहीं है।
एसोसिएशन ने न्याय पालिका को अपमानित करने का भी आरोप लगाया है। इसके अलावा चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया से मिलकर ऐसे असांविधानिक कार्य पर विरोध दर्ज कराने का निर्णय लिया गया। बैठक का संचालन महासचिव प्रभाशंकर मिश्र ने किया। बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष जमील अहमद आजमी, उपाध्यक्ष अजय कुमार मिश्र, अनिल पाठक, रजनीकांत राय, केके मिश्र व अंजू श्रीवास्तव, संयुक्त सचिव अभिषेक शुक्ल, दिलीप पांडेय, राजेंद्र सिंह व मंजू कुमारी, कोषाध्यक्ष दुर्गेश चंद्र तिवारी के अलावा गवर्निंग काउंसिल सदस्य उपस्थित रहे।