हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की आमसभा ने मुहर के साथ चुनाव का बिगुल फूंक गया है। वार्षिक आमसभा में 11 सितंबर को चुनाव कराने का फैसला लिया गया है। अध्यक्ष और महासचिव को आगामी चुनाव के सुचारू संचालन के लिए मुख्य चुनाव अधिकारी व अन्य आवश्यक चुनाव अधिकारियों की नियुक्ति और चुनाव संबंधी आवश्यक निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया गया है।
लाइब्रेरी हॉल में अध्यक्ष राकेश पांडेय की अध्यक्षता में हुई आमसभा में कार्यकारिणी ने कई वित्तीय, प्रशासनिक और कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े प्रस्ताव भी पारित किए गए। वार्षिक बजट व ऑडिट रिपोर्ट भी पेश की गई। जिसे अधिवक्ताओं ने ध्वनिमत से पारित कर दिया।
महासचिव ने वार्षिक कार्यों की रिपोर्ट पेश की। कार्यकारिणी ने सभी व्ययों को स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही आगामी समय में आवश्यक खर्चों के लिए कार्यकारिणी को अधिकृत किया गया। संचालन सचिव अखिलेश शर्मा ने किया।
नियमावली में संशोधन ध्वनिमत से पारित
बैठक में लिए गए निर्णयों के क्रम में बार एसोसिएशन की नियमावली में संशोधन के लिए सीक्रेट बैलेट के जरिये कराए गए मतदान को भी ध्वनिमत से पारित किया गया।
जागृति व धमेंद्र के आश्रितों को छह-छह लाख रुपये की सहायता
आम सभा में दिवंगत अधिवक्ता जागृति शुक्ला और धर्मेंद्र यादव के परिजनों के लिए छह-छह लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई है। साथ ही अन्य लंबित मामलों में भी आवश्यक कार्रवाई करने के लिए कार्यकारिणी को अधिकृत किया गया।
बताया गया कि वर्तमान कार्यकारिणी ने आपातकालीन चिकित्सा सहायता योजना के तहत 278 अधिवक्ता सदस्यों को 1.29 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की है। इसके अलावा 38 दिवंगत अधिवक्ताओं के आश्रितों को 1.87 करोड़ रुपये प्रदान किए हैं।
चुनाव के लिए कड़े नियम
चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी न्यायालय परिसर, चेंबर, लाइब्रेरी, कैंटीन, गलियारों व अन्य सार्वजनिक स्थलों पर पोस्टर, बैनर और हैंडबिल का वितरण नहीं करेंगे।
नवनिर्मित अधिवक्ता भवन के खर्चों पर स्वीकृति
बैठक में नवनिर्मित भवन में पदाधिकारियों के कक्ष, कार्यालय, आधुनिक लाइब्रेरी, डिजिटल लाइब्रेरी, रिकॉर्ड रूम, कंप्यूटर कक्ष, कमेटी रूम व अन्य आवश्यक सुविधाओं के निर्माण के लिए होने वाले व्यय को भी स्वीकृति दी गई।
बार की बढ़ी आमदनी
आमसभा में जानकारी दी गई कि वर्तमान कार्यकारिणी के प्रयासों से बार एसोसिएशन की आमदनी दो करोड़ रुपये बढ़ी है। 31 मार्च 2026 तक एसोसिएशन की आय 42 करोड़ 80 लाख 65 हजार 804 रुपये दर्ज की गई जबकि खाते में 7 करोड़ 1 लाख 29 हजार 542 रुपये का लाभ जमा है। जो पिछले वर्ष की तुलना में दो करोड़ रुपये से अधिक है।