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हाईकोर्ट : वाराणसी के होटल क्लार्क के खिलाफ बढ़ाकर भेजे लीज रेंट की वसूली पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक

Sat, 03 Aug 2024 04:48 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति सैयद कमर हसन रिजवी की खंडपीठ ने होटल क्लार्क की ओर से तीन नवंबर 2023 को जारी नोटिस की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। रक्षा संपदा अधिकारी अमित मिश्रा ने अयोध्या और वाराणसी के अपने पट्टाधारकों को 10 करोड़ रुपये बकाये का नोटिस भेजा था।
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होटल क्लार्क। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी के होटल क्लर्क के खिलाफ रक्षा संपदा विभाग प्रयागराज की ओर से जारी चार करोड़ रुपये बकाये के नोटिस पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने रक्षा संपदा अधिकारी से जवाब तलब करते हुए पुरानी दरों पर ही किराये को ही जमा कराने का आदेश दिया है।

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यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति सैयद कमर हसन रिजवी की खंडपीठ ने होटल क्लार्क की ओर से तीन नवंबर 2023 को जारी नोटिस की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। रक्षा संपदा अधिकारी अमित मिश्रा ने अयोध्या और वाराणसी के अपने पट्टाधारकों को 10 करोड़ रुपये बकाये का नोटिस भेजा था।

इसमें होटल क्लार्क को नए सर्किल रेट से चार करोड़ रुपये जमा कराते हुए लीज का नवीनीकरण कराने को कहा गया था। इसके खिलाफ होटल प्रबंधन ने हाईकोर्ट का रुख किया। कोर्ट में अधिवक्ता उत्कर्ष खन्ना ने 10 मार्च 2017 को जारी सर्कुलर हवाला देते हुए कहा कि किराया 202.50 रुपये निर्धारित है। नए सर्किल रेट से इसे 4,38,80,824 रुपये करना अनुचित, अवैधानिक और मनमानी है।
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कोर्ट ने बढ़े हुए किराए की वसूली के लिए रक्षा संपदा विभाग के नोटिस को अगली सुनवाई तक निष्प्रभावी कर दिया है। कोर्ट ने होटल क्लार्क को पुरानी दर से ही किराया जमा करने की इजाजत दी है, जिसे रक्षा संपदा विभाग की स्वीकार करना होगा।

होटल के प्राधिकृत अधिवक्ता आसिम जफर ने बताया है कि कोर्ट के आदेश के क्रम में पुरानी दर से होटल प्रबंधन ने किराया भेजा था, लेकिन रक्षा संपदा विभाग ने जमा नहीं किया। इस पर रक्षा संपदा अधिकारी अमित मिश्रा का कहना है कि हाईकोर्ट में कई प्रकरणों के लंबित होने की वजह से अभी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। कोर्ट का अंतिम फैसला आ जाने पर ही आगे निर्णय लेंगे।

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