इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रामपुर जिला जेल में महिला कैदी की खुदकुशी मामले में हेड जेल वार्डर पर मुआवजा वसूली आदेश पर रोक लगा दी है। साथ ही राज्य सरकार से जवाब मांगा है। यह आदेश न्यायमूर्ति नीरज तिवारी ने अनीता रानी की याचिका पर दिया है।
याची रामपुर जिला जेल में 2016 में तैनात थी। इसी दौरान गीता ने बैरक में खुदकुशी कर ली। इस मामले में याची पर 30 हजार रुपये मुआवजा लगाया गया। याची अधिवक्ता धनंजय कुमार मिश्र ने दलील दी कि एसीजेएम ने जांच में याची को कदाचार का दोषी नहीं माना। इसके बावजूद 24 अक्तूबर 2024 के आदेश से याची से वसूली का आदेश दिया गया। कोर्ट ने जिला जेल अधीक्षक के वसूली आदेश पर रोक लगा दी है। याचिका पर अगली सुनवाई की तिथि 10 फरवरी नियत की।