यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव की एकल खंडपीठ ने याची अंतिमा चौहान की याचिका पर सुनवाई कर दिया है। याची के अधिवक्ता एमजे अख्तर ने तर्क दिया कि ग्राम पंचायत सहायक/एकाउंटेंट कम डाटा इंट्री ऑपरेटर की नियुक्ति हुई थी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सहायक डाटा इंट्री ऑपरेटर की नियुक्ति के मामले में कुशीनगर के जिला पंचायती राज अधिकारी (डीपीआरओ) के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। इसके साथ ही इसी मामले में पंचायत राज विभाग के निदेशक को अगली सुनवाई पर तलब किया है। मामले में अगली सुनवाई 20 जनवरी को होगी।
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यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव की एकल खंडपीठ ने याची अंतिमा चौहान की याचिका पर सुनवाई कर दिया है। याची के अधिवक्ता एमजे अख्तर ने तर्क दिया कि ग्राम पंचायत सहायक/एकाउंटेंट कम डाटा इंट्री ऑपरेटर की नियुक्ति हुई थी। वह चयनित सूची में पहले नंबर पर थी। याची को एक नवंबर तक ज्वानिंग करा देनी थी। लेकिन, डीपीआरओ ने चयनित अभ्यर्थी को ज्वाइनिंग कराने की बजाय उसके स्थान पर दूसरे अभ्यर्थी का चयन कर ज्वाइनिंग करा दी।
अभ्यर्थी को कोई नोटिस भी नहीं जारी किया। याची डीपीआरओ की इस कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई पर डीपीआरओ को 15 दिसंबर को कोर्ट में उपस्थित रहने को कहा था। लेकिन, डीपीआरओ अपनी जगह सहायक जिला पंचायती राज अधिकारी (एडीपीआरओ) को भेज दिया। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताई और डीपीआरओ के खिलाफ जमानती वारंट जारी करते हुए विभाग के निदेशक को भी तलब कर लिया है।