याची ने दी दलील - झूठा फंसाया गया
याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है। उसका मामले से कोई संबंध नहीं है। कहा उसने संस्थान में करीब 12 वर्षों तक काम किया है। इससे पहले कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं था। मौजूदा मुकदमा एक अन्य मामले की जवाबी कार्रवाई है। उस मामले में आरोपी के भाई ने संस्थान के प्रभावशाली अधिकारियों पर अपनी पत्नी और डेढ़ साल के बच्चे के अपहरण का आरोप लगाया था।
वहीं, राज्य सरकार के अधिवक्ता ने दलील दी कि आरोपी ने संस्थान में भरोसे की स्थिति में रहते हुए धार्मिक चढ़ावे की रकम का चार करोड़ रुपये से अधिक का गबन किया। आरोप है कि कई फर्जी लेन-देन के माध्यम से दान की रकम को व्यवस्थित तरीके से हड़पने का प्रयास किया गया।