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High Court : मनरेगा फंड घोटाले के आरोपित प्रोजेक्ट अधिकारी की जमानत अर्जी खारिज

Sun, 29 Jan 2023 01:08 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मनरेगा योजना के तहत मथुरा के साथ गांवों में इंटर लाकिंग काम में 55.30लाख की धोखाधड़ी व गबन के आरोपी उ प्र सहकारी निर्माण एवं विकास लि के प्रोजेक्ट अधिकारी रहे संतोष कुमार मिश्र की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
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(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मनरेगा योजना के तहत मथुरा के साथ गांवों में इंटर लाकिंग काम में 55.30लाख की धोखाधड़ी व गबन के आरोपी उ प्र सहकारी निर्माण एवं विकास लि के प्रोजेक्ट अधिकारी रहे संतोष कुमार मिश्र की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। इन पर सह अभियुक्तों की मिलीभगत व आपराधिक षड्यंत्र से मानक के विपरीत काम कराने व बिना काम कराये पैसे की बंदरबांट करने का आरोप है। यह आदेश न्यायमूर्ति डी के सिंह ने दिया है।

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याची का कहना था कि एक सह अभियुक्त को जमानत मिल चुकी है,उसे भी जमानत पर रिहा किया जाए। किंतु सी बी आई के वरिष्ठ अधिवक्ता ज्ञान प्रकाश व संजय यादव ने कहा की दो अभियुक्तों को जमानत पर रिहा करने से कोर्ट ने इंकार कर दिया है।याची की भी समान भूमिका रही है।इस पर कोर्ट ने अर्जी खारिज कर दी।

मालूम हो कि कोर्ट ने प्रदेश के सात जिलों में 2007 से 2010 के बीच मनरेगा फंड के दुरूपयोग की जांच सीबीआई को सौंपी और जांच पूरी करने का निर्देश दिया। जिसमें बलरामपुर, गोंडा, महोबा, सोनभद्र, संतकबीरनगर, मिर्जापुर,व कुशीनगर शामिल हैं। मथुरा जिले के सात गांवों में भी घपले की जांच की गई। सी बी आई ने गाजियाबाद में एफ आई आर दर्ज की और 55.30 लाख का घपले का खुलासा हुआ। नंदगांव के बढनगढ गांव में 7.50 लाख का काम ही नहीं किया गया और भुगतान ले लिया गया।

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