कोर्ट ने तथ्यों, साक्ष्यों को देखते हुए सामूहिक रेप के आरोपी महराजगंज के गुलाब साहनी की जमानत अर्जी मंजूर कर ली। कोर्ट ने आरोपी को शर्तों के साथ निजी मुचलके और दो प्रतिभूति के साथ रिहा करने का आदेश दिया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि मेडिकल परीक्षण के बिना दुष्कर्म होेने के बारे में निश्चित तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता है। भले ही पीड़िता अपने बयान में यह कह रही हो कि उसके साथ दुष्कर्म हुआ है। कोर्ट ने मामले में साक्ष्य की अनुपलब्धता का लाभ आरोपी को देते हुए उसकी जमानत मंजूर कर ली।
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कोर्ट ने तथ्यों, साक्ष्यों को देखते हुए सामूहिक रेप के आरोपी महराजगंज के गुलाब साहनी की जमानत अर्जी मंजूर कर ली। कोर्ट ने आरोपी को शर्तों के साथ निजी मुचलके और दो प्रतिभूति के साथ रिहा करने का आदेश दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी ने गुलाब साहनी की जमानत अर्जी स्वीकार करते हुए दिया है।
याची सहित दो लोगों के खिलाफ महराजगंज के बृजमनगंज थाने में छह अक्तूबर 2021 को नाबालिग लड़की से रेप का आरोप लगा था। कोर्ट ने पाया कि पीड़िता 14 दिनों तक आरोपी के साथ रही और मेडिकल परीक्षण में उसकी उम्र 19 साल की पुष्टि हुई। पीड़िता ने अपना मेडिकल परीक्षण कराने से भी इंकार कर दिया। हालांकि, उसने अपने बयान में आरोपी द्वारा रेप करने का आरोप लगाया था। कोर्ट ने तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए याची की जमानत अर्जी मंजूर कर ली और जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। ब्यूरो