डॉ अरविंद गुप्ता के अधिवक्ता ने दलील दी कि जिला उपभोक्ता आयोग मेें दावा दाखिल किये बगैर शिकायतकर्ता ने सीधे राज्य आयोग का दरवाजा खटखटाया, जो पोषणीय नहीं है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि याची मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज गुर्दा विभाग के विभागाध्यक्ष व प्रोफेसर है। उन्हाेंने निजी निजी नर्सिंग होम फीनिक्स अस्पताल में चिकित्सा सेवा दी और उसके एवज में फीस भी प्राप्त की। सरकारी डाॅक्टर के निजी अस्पताल में प्रैक्टिस से हैरान कोर्ट ने 48 घंटे में
चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव से यह बताने का निर्देश दिया है कि राजकीय मेडिकल कॉलेज के विभागाध्यक्ष और प्रोफेसर के पद तैनाती के दौरान वह प्रयागराज के किसी निजी नर्सिंग होम में किसी मरीज को कोई उपचार दे सकते हैं?