हलफनामे में आदेश के अनुपालन का एक शब्द तक नहीं
कोर्ट ने इस संबंध में पुलिस महानिदेशक द्वारा दायर किए गए व्यक्तिगत हलफनामे पर सख्त टिप्पणी की। कहा कि इसे पढ़ने से पता चलता है कि यह किसी सरकारी एजेंसी या शैक्षणिक निकाय को दी गई रिपोर्ट जैसी है, जो आम तौर पर कानून और व्यवस्था की समस्या के संबंध में उठाए गए कदमों के बारे में होती है। कोर्ट ने कहा कि महानिदेशक ने इस न्यायालय के दिनांक 30 जून 2021 के आदेशों के अनुपालन में जो कुछ किया है, उसके बारे में हलफनामे में एक शब्द भी नहीं कहा है।
इसके साथ ही पुलिस अधीक्षकों को जारी किए जाने वाले सर्कुलर और धोखेबाजों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस महानिदेशक द्वारा की गई कार्रवाईयों के बारे में कोई विवरण नहीं दिया गया है। कोर्ट ने पुलिस महानिदेशक के हलफनामे पर नाराजगी जाहिर की और महानिदेशक को मामले में 28 अप्रैल 2022 तक अपना व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।