कोर्ट ने डीएम को दो हफ्ते में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। याचिका की अगली सुनवाई 22 अगस्त को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति जे जे मुनीर ने सलभ मिश्र की याचिका पर दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डीएम प्रयागराज से पूछा है कि भ्रष्टाचार के आरोप में सजायाफ्ता ग्राम प्रधान नियमानुसार पद से हटाया गया है या नहीं। पूछा है कि ग्राम प्रधान का चुनाव क्यों नहीं कराया गया।
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कोर्ट ने डीएम को दो हफ्ते में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। याचिका की अगली सुनवाई 22 अगस्त को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति जे जे मुनीर ने सलभ मिश्र की याचिका पर दिया है।
इनका कहना था कि जसरा ब्लॉक के चिल्ला गौहानी के ग्राम प्रधान शिव मोहन सिंह पटेल को वाराणसी की अदालत से भ्रष्टाचार के आरोप में दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। कानून के मुताबिक नैतिक अपराध के दोषी ग्राम प्रधान सजा पाते हैं पद से हट जायेंगे। छह माह के लिए कार्यवाहक प्रधान नियुक्त होंगे और छह माह के भीतर ही चुनाव कराना होगा। छह माह बीत जाने के बाद भी चुनाव नहीं कराया गया है। जिस पर कोर्ट ने जिलाधिकारी से जवाब मांगा है।