कोर्ट ने कानूनी प्रक्रिया से प्रशासक नियुक्त होने तक याची को पेट्रोल पंप चलाने की अनुमति दी थी। इसका पालन नहीं किए जाने पर जिलाधिकारी गाजीपुर आर्यका अकौरी के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की गई है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि क्या गैंगस्टर एक्ट की कार्यवाही में जब्त अफजाल अंसारी की पत्नी फरहत अंसारी का मौजा अहमद पट्टी के किसान पेट्रोल पंप का कानून के तहत प्रशासक नियुक्त किया गया है। बताया गया कि प्रशासक पेट्रोल पंप चला रहा है। कोर्ट ने कानूनी प्रक्रिया से प्रशासक नियुक्त होने तक याची को पेट्रोल पंप चलाने की अनुमति दी थी।
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इसका पालन नहीं किए जाने पर जिलाधिकारी गाजीपुर आर्यका अकौरी के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की गई है। याचिका की अगली सुनवाई 15फरवरी को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति विकास बुधवार ने फरहत अंसारी की अवमानना याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। याचिका पर अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय ने बहस की।
याची का कहना है कि कोर्ट ने याची को पेट्रोल पंप चलाने तथा अलग एकाउंट रखने की अनुमति दी है जब तक कि वैधानिक प्रक्रिया से प्रशासक नियुक्त नहीं कर दिया जाता। जिलाधिकारी की तरफ से सरकारी वकील ने जानकारी दी कि तहसीलदार मोहम्मदाबाद प्रशासक के तौर पर पेट्रोल पंप चला रहे हैं। इस पर कोर्ट ने जानना चाहा कि क्या कानूनी प्रक्रिया से प्रशासक नियुक्त है। सरकारी वकील ने जानकारी प्राप्त करने के लिए समय मांगा।