कोर्ट ने प्रयागराज नगर निगम का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी से कूड़ा निस्तारण प्रबंधन और नाला सफाई की क्षमता जानी और कहा कि यह तो नाकाफी है। इसे अपग्रेड किए जाने की जरूरत है। कोर्ट ने डीएम को इस संदर्भ में निगरानी करने और उचित प्रबंध करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि प्रयागराज, वाराणसी जैसे शहर धार्मिक महत्व के हैं। यहां रोजाना हजारों की संख्या में देश दुनिया से लोग पहुंच रहे हैं।
ऐसे में साफ-सफाई की व्यवस्था को लेकर अधिक दबाव है। इसलिए प्रबंधन सिस्टम को और अधिक व्यापक और अपग्रेड किए जाने की जरूरत है। कोर्ट ने सरकार का पक्ष रख रहे अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल से विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही प्रदेश के सभी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को निर्देश दिया कि वह कचरा निस्तारण और गंदे पानी के निकास केलिए की गई व्यवस्था की निगरानी कर रिपोर्ट तैयार करें और कोर्ट को प्रस्तुत करें।