हाईकोर्ट ने मांगी जीएसटी अधिकरण के गठन की प्रगति रिपोर्ट
जीएसटी राज्य अधिकरण प्रयागराज में गठित करने की मांग में दाखिल याचिका पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से इसे गठित करने की प्रगति रिपोर्ट मांगी है। याचिका की सुनवाई 19 जुलाई को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति भारती सप्रू तथा न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की खंडपीठ ने मेसर्स टॉर्क फार्मास्यूटिकल इंटरनेशनल की याचिका पर दिया है।
इससे पहले भी कोर्ट ने राज्य अधिकरण के गठन की प्रगति रिपोर्ट मांगी थी। इस बार कोर्ट ने रिपोर्ट दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का अंतिम अवसर दिया है। हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पांडेय का कहना था कि राज्य पुनर्गठन के कानून 2000 में स्पष्ट रूप से कहा है कि इलाहाबाद हाई कोर्ट उत्तर प्रदेश का हाईकोर्ट है। इसलिए इलाहाबाद (प्रयागराज) में ही अधिकरण का गठन किया जाना चाहिए।
इस पर कोर्ट ने केंद्र व राज्य सरकार से अधिकरण गठित करने की कार्यवाही की प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। सुनवाई 19 जुलाई को होगी। उल्लेखनीय है कि इसी मामले में लखनऊ बेंच की एक खंडपीठ ने अधिकरण का गठन लखनऊ में करने का आदेश दिया है। दोनों मामलों में अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई हो रही है। याचिका पर अधिवक्ता निशांत मिश्र, भारत सरकार के सहायक सॉलिसिटर जनरल ज्ञान प्रकाश, राज्य सरकार के मुख्य स्थायी अधिवक्ता विकास त्रिपाठी, अपर मुख्य स्थाई अधिवक्ता निमाई दास, विशेष अधिवक्ता राज्य सरकार सीबी त्रिपाठी, वरिष्ठ अधिवक्ता नवीन सिन्हा और राहुल अग्रवाल आदि ने पक्ष रखा। याचिका में कहा गया है कि जीएसटी अधिकरण का गठन उसी जिले में होना चाहिए, जहां उस राज्य का हाईकोर्ट हो।