इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बहू के साथ मारपीट और रेप के आरोपी मौसिया ससुर और सास को अग्रिम जमानत पर रिहा करने का निर्देश दिया है। मामले में प्रयागराज के दारागंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
हालांकि, कोर्ट ने कुछ शर्तें भी लगाई हैं। इसके साथ विवेचनाधिकारी को तीन महीने में जांच पूरी करने का आदेश भी दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति वीके सिंह ने अजय पांडेय और उमा पांडेय की अग्रिम जमानत अर्जी को स्वीकार करते हुए दिया है।
याची का तर्क है कि उसे फर्जी, मनगढ़ंत आरोपों में झूठा फंसाया गया है। उसने कोई अपराध नहीं किया है और न ही उसका कोई आपराधिक इतिहास है। शिकायत कर्ता के साथ हुए समझौते में उसने खुद ही लगाए आरोपों से इंकार किया है।
पुलिस ने चार्जशीट दाखिल नहीं की है। उसे आशंका है कि पुलिस उसे गिरफ्तार कर सकती है। इसलिए वह अग्रिम जमानत पाने का हकदार है। कोर्ट ने 25 हजार के व्यक्तिगत मुचलके और दो प्रतिभूति पर गिरफ्तारी के समय अग्रिम जमानत पर रिहा किए जाने का निर्देश दिया है।