घटनाओं का क्रम :
एसडीएम सदर वाराणसी के न्यायालय में 2015 से नागरी प्रचारिणी सभा की प्रबंध समिति का विवाद चला आ रहा था। हिंदी की इस महान संस्था में दो-दो प्रबंध समितियां बन गई थीं। दोनों खुद को असली बताती थीं।
2020 में व्योमेश शुक्ल ने पक्षकार बनने के लिए आवेदन किया। (28 मार्च 2022 को न्यायालय ने उन्हें पक्षकार मानते हुए दोनों प्रबंध समितियों को फर्जी और विधि शून्य घोषित कर दिया। साथ ही, 2004-2007 की सदस्यता सूची के आधार पर नए चुनाव कराने का आदेश दिया।
एसडीएम सदर वाराणसी के फैसले खिलाफ हाईकोर्ट में रिट दाखिल की गई। कोर्ट ने 29 अप्रैल 2022 को दिए अंतरिम आदेश में चुनाव कराने को कहा। यह भी जोड़ा कि इस मामले में कोर्ट का अंतिम निर्णय आने के बाद ही तय होगा कि संस्था का ‘प्रभावी नियंत्रण’ किसके पास रहे।
9 जून 2022 को राइफल क्लब में जिला प्रशासन ने संस्था के 19 पदों पर चुनाव कराया। मतपत्रों को जिला कोषागार में रखवा दिया गया। हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में मतों की गिनती नहीं की गई। 6 अप्रैल, 2023 को दूसरे अंतरिम आदेश से मतगणना हुई, जिसमें व्योमेश शुक्ल प्रधानमंत्री निर्वाचित हुए और प्रोफेसर अनुराधा बनर्जी सभापति चुनी गईं। मामले का अंतिम फैसला नहीं आने से संस्था के सभी विभागों (आर्य भाषा पुस्तकालय, प्रकाशन, विक्रय आदि) पर ताला ही बंद रहा।