इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संभल हिंसा के तीन आरोपियों रेहान, फैजान एवं शाने आलम को सशर्त जमानत दे दी है। तीनों मुरादाबाद की जेल में बंद हैं। यह आदेश न्यायमूर्ति गौतम चौधरी की पीठ ने दिया।
19 नवंबर को सिविल सीनियर डिवीजन चंदौसी कोर्ट के आदेश से शाही जामा मस्जिद का सर्वे चल रहा था। इस दौरान हजारों की संख्या में इकट्ठा हुए लोगों ने पुलिस पर पथराव, फायरिंग शुरू कर दी। घटना में चार मौतें हो गई थीं। वहीं, उग्र भीड़ ने वाहनों को फूंक दिया। इस हिंसा में संभल कोतवाली एवं थाना नखासा पुलिस ने कुल 83 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इनमें रेहान, फैजान एवं शाने आलम का नाम भी शामिल है।
तीनों आरोपी मुरादाबाद जेल में लगभग पांच महीने और 13 दिन में बंद हैं। ट्रायल कोर्ट से जमानत खारिज होने पर तीनों ने हाईकोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दाखिल की। याचियों का कहना था कि उनका नाम एफआईआर में शामिल नहीं था। उन्हें मौके से गिरफ्तार नहीं किया गया है। साथ ही सीसीटीवी फुटेज से भी उनकी पहचान नहीं हुई है। उन्हें झूठा फंसाया गया है। शासकीय अधिवक्ता ने जमानत का विरोध किया। कहा कि आरोप गंभीर हैं। याची निर्दोष हैं या नहीं इसका फैसला ट्रायल में होना चाहिए। कोर्ट ने तथ्यों व परिस्थितियों पर विचार करते हुए तीनों आरोपियों को जमानत दे दी।