इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 68 लाख रुपये के सरकारी धन के दुरुपयोग और गबन के आरोपी गोंडा के पूर्व भूमि संरक्षण अधिकारी दिनेश कुमार यादव की अग्रिम जमानत मंजूर कर ली है। दिनेश यादव पर गोंडा के तरबगंज थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
गोंडा में तैनाती के दौरान उनके पास फिरोजाबाद का भी प्रभार था, जिसके दायित्व निर्वहन के दौरान उन पर सरकारी धन के गबन और पद के दुरुपयोग का आरोप लगा था। उनको निलंबित भी किया जा चुका है। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की थी, जिसकी सुनवाई न्यायमूर्ति सुनीत कुमार ने की।
दिनेश यादव का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी और विभू राय का कहना था कि याची के खिलाफ गलत मुकदमा दर्ज किया गया। किसी भ्रम के कारण धनराशि गलत खाते में ट्रांसफर हो गई थी, जो अगले दिन ही सरकारी खाते में वापस भी आ गई। यह बात प्राथमिकी और 26 अक्तूबर 2019 की जांच रिपोर्ट में भी आई है।
इस हिसाब से याची के खिलाफ कोई अपराध नहीं बनता है। उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। किसी अन्य मामले में कोई आरोप नहीं है। कोर्ट ने अग्रिम जमानत मंजूर करते हुए कहा है कि यदि याची को गिरफ्तार किया जाता है तो थाना प्रभारी 25-25 हजार के दो मुचलके पर रिहा कर दें।