इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) की बसों के अवैध संचालन पर रोक लगा दी है। साथ ही जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि निर्धारित मार्गों के अतिरिक्त संचालित हो रहीं बसों तत्काल जब्त करे।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) की बसों के अवैध संचालन पर रोक लगा दी है। साथ ही जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि निर्धारित मार्गों के अतिरिक्त संचालित हो रहीं बसों तत्काल जब्त करे।
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यह आदेश न्यायमूर्ति अरिंदम सिन्हा, न्यायमूर्ति सत्यवीर सिंह की खंडपीठ ने जितेंद्र सिंह व तीन अन्य निजी बस संचालकों की ओर से दाखिल याचिका पर दिया है। याचियों के अधिवक्ता ने दलील दी यूपीएसआरटीसी निजी बस संचालकों के लिए स्वीकृत मार्ग (फतेहपुर से देवमाई वाया अमाउली-जहानाबाद) पर बिना परमिट के अवैध रूप से छह बसें संचालित कर रहा है। इससे निजी संचालकों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। इस अवैध संचालन के खिलाफ विभाग ने करीब 46 चालान भी किए हैं।
वहीं, यूपीएसआरटीसी के अधिवक्ता ने सफाई दी कि निगम के पास इस मार्ग पर एक बस का वैध परमिट है पर उसमें तकनीकी खराबी से यात्रियों की सुविधा के लिए कुछ दिनों तक वैकल्पिक बसें चलाई गई थीं, जिन्हें अब हटा लिया गया है।
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इस पर राज्य सरकार के स्थायी अधिवक्ता ने भी स्पष्ट किया कि प्रशासन परमिट के बिना किसी भी वाहन के संचालन की अनुमति नहीं दे सकता। एक परमिट की आड़ में अलग-अलग बसें चलाना पूरी तरह अवैध है। लिहाजा, कोर्ट ने निगम की अवैध बसों के संचालन पर तुरंत रोक लगा दी है।