इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सेना में भर्ती दिलाने के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार कर ठगी किए जाने के मामले में आरोपी को जमानत दे दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल की एकल पीठ ने आरोपी बिट्टू उर्फ पहलवान उर्फ प्रवीण की जमानत अर्जी पर दिया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सेना में भर्ती दिलाने के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार कर ठगी किए जाने के मामले में आरोपी को जमानत दे दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल की एकल पीठ ने आरोपी बिट्टू उर्फ पहलवान उर्फ प्रवीण की जमानत अर्जी पर दिया।
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आरोपी बिट्टू उर्फ पहलवान उर्फ प्रवीण के खिलाफ मेरठ के सदर बाजार थाने में फर्जी नियुक्ति पत्र देने के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था। आरोपी पर युवाओं को आर्मी में नौकरी दिलाने का झांसा देकर फर्जी नियुक्ति पत्र देने का आरोप लगा है। बचाव पक्ष की ओर से कोर्ट में दलील दी गई कि उसके पास से कोई भी फर्जी नियुक्ति पत्र या आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई है।
उसका नाम केवल सह-आरोपी के बयान के आधार पर सामने आया है। साथ ही मुख्य आरोपी पहले ही कोर्ट से जमानत पा चुका है। ऐसे में समानता के आधार पर आवेदक को भी राहत दी जानी चाहिए। आरोपी 23 नवंबर 2025 से जेल में बंद है। अभियोजन की ओर से कोर्ट में जमानत का विरोध करते हुए दलील दी गई कि आरोपी ने सह-आरोपियों के साथ मिलकर सेना में भर्ती के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार किए और युवाओं से धोखाधड़ी की गई।