इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी के धार्मिक संस्थान में चार करोड़ रुपये से अधिक की कथित हेराफेरी के मामले में आरोपी अकाउंटेंट विवेक कुमार की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। न्यायमूर्ति कृष्ण पहल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए यह आदेश दिया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी के धार्मिक संस्थान में चार करोड़ रुपये से अधिक की कथित हेराफेरी के मामले में आरोपी अकाउंटेंट विवेक कुमार की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। न्यायमूर्ति कृष्ण पहल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए यह आदेश दिया।
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चौबेपुर थाने में दर्ज मुकदमे के अनुसार आरोपी एक योग संस्थान में अकाउंटेंट था। आरोप है कि 23 सितंबर 2025 को उसने चढ़ावे के 20 हजार रुपये जमा करने के संबंध में एचडीएफसी बैंक की रसीद दी। कर्मचारियों को संदेह होने पर बैंक से जांच कराई गई तो रसीद फर्जी निकली। जांच में अन्य जमा रसीदें भी जाली पाई गईं। आरोप है कि आरोपी ने बैंककर्मियों को रिश्वत देने की कोशिश की। उसके भाई अभिषेक कुमार पर भी साजिश में शामिल होने का आरोप है।
बचाव पक्ष ने दलील दी कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है। वह 12 वर्षों से संस्थान में काम कर रहा था और उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। वहीं, विपक्षी अधिवक्ताओं ने करोड़ों रुपये के गबन और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया। कोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद जमानत अर्जी खारिज कर दी।